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प्रमाणित नहीं, तो नहीं मिल पाएगा एडमिशन में कोटा

हर साल पकड़े जाते है फर्जी खेल प्रमाण पत्र, सबसे ज्यादा मिलते हैं स्टेट और नेशनल स्पोर्ट्स  सर्टिफिकेट

बरेली। हर साल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया के समय अनेकों छात्र-छात्राएं स्पोटर्स कोटे से प्रवेश लेते है। तो कई तो ऐसे छात्र भी होते है जोकि हर साल कोटे के तहत एडमिशन लेने के चक्कर में फर्जी प्रमाणपत्र भी लगा देते है। लेकिन इस बार कॉलेज ने नया नियम तय कर दिया है जिससे की फर्जी प्रमाण पत्रों को पकड़ा जा  सके और जो फार्म के साथ सहींं सर्टिफिकेट हो सिर्फ उसी सर्टिफिकेट को ही लगाया जा सके। अभी किसी भी स्तर केप्रमाण की फोटो कापी लगाकर कोटे से एडमिशन आसानी मिल जाता था। लेकिन अब कोटे में प्रवेश से पहले छात्र-छात्राओं को प्रमाणित सर्टिफिकेट ही दिखाने के बाद ही प्रवेश के लिए केाटे का लाभ दिया जाएगा। एनसीसी, एनएसएस, खेल, आदि के सर्टिफिकेट के साथ ये भी बताना होगा कि सर्टिफिकेट पूरी तरह से ठीक है। इसलिए अब स्पोट्र्स के सर्टिफिकेट पर नबंर भी प्रकाशित किया जाने लगा है जिससे की असली और नकली सर्टिफिकेट की जांच हो सके। इसलिए हो सके तो कोटे से एडमिशन लेने से पहले सर्टिफिकेट भी ठीक से चैक कर ले कि वह कहीं फर्जी तो नहीं है प्रमाण पत्र में सभी अधिकारियों केसाइन है या नहीं। 

पिछले साल भी पकड़े गए थे सर्टिफिकेट 

२०२० में भी एडमिशन के दौरान दर्जनों छात्र-छात्राओं के फार्म में फर्जी सर्टिफिकेट पकड़े गए थे। पकड़े गए इन सर्टिफिकेट में सबसे ज्यादा खेल के मिले। क्योंकि इन सर्टिफिकेट में कई अधिकारियों केसाइन ही नहीं मिले। जिस कारण से फर्जी सर्टिफिकेट पकड़ में आ गए। जिसके बाद कॉलेज कमेटी ने ऐसे दर्जनो एडमिशन वाले छात्र-छात्राओं पर कार्रवाई करते हुए इनकों कोटे के नियम से बाहर रखकर ही प्रवेश प्रक्रिया में शामिल किया गया। इसके अलावा बड़े स्तर केसर्टिफिकेट को संबंधित संस्था में भेजकर जांच कराई जाएगी कि संबंधित सर्टिफिकेट असली है या नकली है। 


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